अनु की दर्दनाक कहानी – बेबस जिंदगी को मिला नया सहारा
हमारा प्रयास मंदबुद्धि महिला अनाथ आश्रम, हिसार को इस महिला की सूचना गांव घुड़साल के सरपंच प्रतिनिधि द्वारा फोन के माध्यम से प्राप्त हुई। उन्होंने बताया कि एक महिला पिछले दो दिनों से गांव के बस स्टैंड पर लगातार नशे की हालत में पड़ी हुई है। महिला अपनी पहचान बताने में असमर्थ थी, उसे अपना नाम, पता या परिवार के बारे में कुछ भी याद नहीं था। उसकी मानसिक स्थिति भी बेहद खराब दिखाई दे रही थी और वह पूरी तरह असहाय अवस्था में जीवन बिता रही थी।
सूचना मिलते ही हमारा प्रयास आश्रम की टीम तुरंत गांव घुड़साल पहुंची। गांव के सरपंच, प्रतिनिधियों एवं अन्य ग्रामीणों की उपस्थिति में महिला को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया गया और आश्रम लेकर आया गया।
महिला की हालत बेहद चिंताजनक थी। इसलिए आश्रम पहुंचते ही उसका मेडिकल परीक्षण करवाया गया तथा मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित उपचार के लिए सिविल अस्पताल हिसार से दवाइयां शुरू करवाई गईं। शुरुआती दिनों में महिला का व्यवहार अत्यंत हिंसक और असामान्य था। वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं होती थी और कई बार अचानक आक्रामक हो जाती थी।
उसकी हिंसक प्रवृत्ति इतनी अधिक थी कि उसने कई बार आश्रम की महिला स्टाफ पर हमला कर उन्हें चोटें पहुंचाईं। कई महिला कर्मचारियों को उसके व्यवहार के कारण शारीरिक चोटों का सामना करना पड़ा। स्थिति ऐसी हो गई थी कि महिला स्टाफ उसके साथ अकेले रहने से भी घबराने लगी थी, क्योंकि किसी भी समय उसका व्यवहार अप्रत्याशित रूप से बदल जाता था।
इसके बावजूद आश्रम की टीम ने धैर्य, सेवा और मानवता का परिचय देते हुए उसका साथ नहीं छोड़ा। लगातार उपचार, समय पर दवाइयां, सुरक्षित वातावरण और प्यार भरी देखभाल के कारण धीरे-धीरे उसकी स्थिति में सुधार आने लगा।
कुछ समय बाद उसने अपना नाम “अनु” बताया, लेकिन इसके अलावा वह अपने परिवार, घर या जीवन से जुड़ी कोई अन्य जानकारी नहीं दे सकी। आज भी उसकी पहचान और परिवार की तलाश जारी है, जबकि उसका इलाज निरंतर चल रहा है।
अनु की कहानी हमें यह एहसास कराती है कि मानसिक बीमारी और नशे की गिरफ्त में फंसे लोगों को तिरस्कार नहीं, बल्कि उपचार, धैर्य और सहारे की जरूरत होती है। सड़क किनारे बेसहारा पड़ी इस महिला को यदि समय पर सहायता न मिलती, तो शायद उसकी जिंदगी और भी कठिन हो जाती।
मानव सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है, और हर असहाय जीवन को सम्मानपूर्वक जीने का अधिकार है।
— हमारा प्रयास मंदबुद्धि महिला अनाथ आश्रम, हिसार

