इस लड़की की सूचना हमारा प्रयास आश्रम टीम को रेलवे पुलिस के द्वारा दी गई थी ये लड़की 1महीने से लगातार रेलवे स्टेशन पर ही रह रही थी जोकि इसने अपना नाम प्रियंका पुत्री राजेंद्र शौकद बताया बाकी इसके द्वारा कोई अन्य जानकारी नहीं बताई गई
आश्रम में 6 महीने लगातार दिमाग की दवाई खिलाई गई लगातार काउंसलिंग के द्वारा इसने अपने गांव का नाम बताया गया शिक्षा में इसके द्वारा मास्टर ऑफ आर्ट हिंदी से की गई तुरंत प्रभाव से हमारा प्रयास आश्रम की टीम ने गांव के सरपंच से संपर्क किया गया जहां से पता लगा की बेटी प्रियंका 1 साल से ही लापता थी हमारा प्रयास आश्रम टीम के प्रयासों व हिसार रेलवे पुलिस टीम के प्रयासों से इस महिला को इसकी फैमिली से मिलवा दिया गया था

