यह हमारा प्रयास मंदबुद्धि महिला अनाथ आश्रम की तीसरी महिला है जो कि गांव घुड़साल जिला हिसार में आता है वहां के सरपंच का हमारे पास फोन आता है कोई महिला गांव के बस स्टैंड पर 2 दिन से लगातार पड़ी हुई है जो कि अपना नाम पता कुछ नहीं बता पा रही है और बहुत ज्यादा नशे की हालत में है हमारा प्रयास मंदबुद्धि महिला अनाथ आश्रम की टीम गांव के सरपंच गांव के मौजूदा लोगों की उपस्थिति में हमारा प्रयास आश्रम में इस महिला को रेस्क्यू करके लाया जाता है आश्रम में छ : महीने के बाद इसने अपना नाम अनु बताया था आश्रम में आने के बाद से दिमाग की दवाइयां सिविल हॉस्पिटल हिसार से चल रही हैं जो कि यह बहुत ही हिंसक रूप में रहती थी इसने आश्रम की महिला स्टाफ को भी दो-तीन बार चोट पहुंचा चुकी है

रूपा की दर्दभरी कहानी: जिस बेटी के संघर्ष से शुरू हुआ हमारा प्रयास मंदबुद्धि महिला अनाथ आश्रम
यह आश्रम की पहली महिला रूपा है जोकि मंदबुद्धि है ये दूसरे स्टेट से इसको
