इस लड़की की सूचना सामाजिक महिलाओं द्वारा हमारे को दी गई जो कि दिल्ली से हिसार वाली ट्रेन में आ रही थी लड़की ट्रेन में बिल्कुल नग्न अवस्था में बाथरूम में ऐसे ही पड़ी हुई थी जैसे ही हमारा प्रयास आश्रम के सदस्य व सामाजिक महिलाओं द्वारा इस लड़की को ट्रेन से नीचे उतारा गया और इसके बदन पर यह चादर व दुपट्टा आश्रम टीम की महिलाओं द्वारा डाला गया जब इस लड़की से पूछताछ की गई तो अपना नाम यास्मीन बताया जोकि मुस्लिम समुदाय से बताया गया इसके अलावा कोई अन्य जानकारी हमको नहीं दी गई हमारा प्रयास आश्रम टीम द्वारा इसको रेस्क्यू करके हमारा प्रयास आश्रम हिसार में लाया गया जोकि मानसिक रूप से प्रताड़ित थी इसके एक पांव में बहुत ज्यादा चोट लगी हुई थी तुरंत प्रभाव से हिसार सिविल हॉस्पिटल में इसका इलाज शुरू करवाया गया धीरे धीरे ठीक होती रही इसने बताया कि मेरी फैमिली मुझसे स्टेशन के ऊपर भीख मंगवाने का कार्य करवाते थे में स्टेशन के ऊपर ही रहती थी अपना पेट भीख मांगकर भरती थी

रूपा की दर्दभरी कहानी: जिस बेटी के संघर्ष से शुरू हुआ हमारा प्रयास मंदबुद्धि महिला अनाथ आश्रम
यह आश्रम की पहली महिला रूपा है जोकि मंदबुद्धि है ये दूसरे स्टेट से इसको
