रूपा की दर्दभरी कहानी: जिस बेटी के संघर्ष से शुरू हुआ हमारा प्रयास मंदबुद्धि महिला अनाथ आश्रम

यह आश्रम की पहली महिला रूपा है जोकि मंदबुद्धि है ये दूसरे स्टेट से इसको नारनौद जिला हिसार निवासी शादी करके लाया था जोकि झगड़ा समाज से संबंध रखता है हर रोज के हत्याचार से दुःखी इस महिला ने इसकी पहली बेटी नेहा के जन्म के बाद से ही घर छोड़ दिया था दूसरी बेटी को इसने नारनौद की सड़कों पर जन्म दिया परन्तु उसको कोई अन्य आदमी परवरिश के लिए लेके चला गया जिसका कोई पता नहीं किसी को भी उसके बाद इसका जीवन नारनौद की सड़कों पर 10 साल ऐसे ही बीता रहा है इसका नशेड़ी लोगों द्वारा बहुत शोषण किया जाता था लेकिन कोई भी गांव का या इसकी फैमिली से किसी भी व्यक्ति द्वारा कोई मदद नहीं की गई इसी महिला की बदौलत आज हमारा प्रयास आश्रम की नींव दिनांक 4/11/2023 में हिसार किराये की बिल्डिंग में चलाई जा रही है

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एक छोटा सा दान, किसी के जीवन में नई उम्मीद ला सकता है।