हमारा प्रयास मंदबुद्धि महिला अनाथ आश्रम ने अत्याचार और नशे की शिकार सविता को दिया नया जीवन

इस सविता लड़की की सूचना हमारे को हिसार रेलवे की पुलिस द्वारा हमारे को दी गई थी जो की 2 साल पहले इस लड़की को हमारा प्रयास आश्रम टीम द्वारा रेलवे स्टेशन से इस लड़की को नशे की हालत में रेस्क्यू करके हमारा प्रयास आश्रम हिसार में लाया गया था जिसने अपना नाम सविता बताया और कहा कि मुझे किसी व्यक्ति द्वारा शादी का झूठा झांसा देकर मेरे को लेकर आया कुछ समय मेरे साथ रहने के बाद वह मुझे अकेला छोड़कर भाग गया उसके बाद मुझे किसी अन्य व्यक्ति ने देखा और मुझे यह कहकर साथ ले गया कि मैं तुझे अपने घर तक पहुंचा दूंगा लेकिन उसे व्यक्ति ने अपने घर ले जाकर मेरे साथ बहुत ही दुर्व्यवहार किया व मेरा हाथ तोड़ दिया और मेरे हाथ को जला दिया गया मुझसे स्टेशनों पर भीख मंगवाने का कार्य मुझसे करवाया जाता था और मुझ पर निगरानी रखता था फिर किसी तरह में छुपते छुपाते वहां से निकली तो फिर मुझे कोई ऐसा व्यक्ति मिला जिसने फिर मुझे अपने घर पहुंचाने का वादा किया और अपने साथ ले गया और वह मेरे को जबरदस्ती अत्यधिक शराब पिलाई कि मुझे कुछ भी होश नहीं रहा और मुझे छोड़कर चला गया मुझे जब होश आया तो आश्रम की टीम ने बताया कि आपको आश्रम में आए तीन दिन हो गए हैं और तीसरे दिन जाकर मुझे होश आया है

हमारा प्रयास मंदबुद्धि महिला अनाथ आश्रम ने ट्रेन में मिली यास्मीन को दिया नया जीवन और सुरक्षित आश्रय

इस लड़की की सूचना सामाजिक महिलाओं द्वारा हमारे को दी गई जो कि दिल्ली से हिसार वाली ट्रेन में आ रही थी लड़की ट्रेन में बिल्कुल नग्न अवस्था में बाथरूम में ऐसे ही पड़ी हुई थी जैसे ही हमारा प्रयास आश्रम के सदस्य व सामाजिक महिलाओं द्वारा इस लड़की को ट्रेन से नीचे उतारा गया और इसके बदन पर यह चादर व दुपट्टा आश्रम टीम की महिलाओं द्वारा डाला गया जब इस लड़की से पूछताछ की गई तो अपना नाम यास्मीन बताया जोकि मुस्लिम समुदाय से बताया गया इसके अलावा कोई अन्य जानकारी हमको नहीं दी गई हमारा प्रयास आश्रम टीम द्वारा इसको रेस्क्यू करके हमारा प्रयास आश्रम हिसार में लाया गया जोकि मानसिक रूप से प्रताड़ित थी इसके एक पांव में बहुत ज्यादा चोट लगी हुई थी तुरंत प्रभाव से हिसार सिविल हॉस्पिटल में इसका इलाज शुरू करवाया गया धीरे धीरे ठीक होती रही इसने बताया कि मेरी फैमिली मुझसे स्टेशन के ऊपर भीख मंगवाने का कार्य करवाते थे में स्टेशन के ऊपर ही रहती थी अपना पेट भीख मांगकर भरती थी

आश्रम की पहली बेटी रूपा: जिसके संघर्ष ने मानवता की नई मिसाल कायम की

यह आश्रम की पहली महिला रूपा है जोकि मंदबुद्धि है ये दूसरे स्टेट से इसको नारनौद जिला हिसार निवासी शादी करके लाया था जोकि झगड़ा समाज से संबंध रखता है हर रोज के हत्याचार से दुःखी इस महिला ने इसकी पहली बेटी नेहा के जन्म के बाद से ही घर छोड़ दिया था दूसरी बेटी को इसने नारनौद की सड़कों पर जन्म दिया परन्तु उसको कोई अन्य आदमी परवरिश के लिए लेके चला गया जिसका कोई पता नहीं किसी को भी उसके बाद इसका जीवन नारनौद की सड़कों पर 10 साल ऐसे ही बीता रहा है इसका नशेड़ी लोगों द्वारा बहुत शोषण किया जाता था लेकिन कोई भी गांव का या इसकी फैमिली से किसी भी व्यक्ति द्वारा कोई मदद नहीं की गई इसी महिला की बदौलत आज हमारा प्रयास आश्रम की नींव दिनांक 4/11/2023 में हिसार किराये की बिल्डिंग में चलाई जा रही है

रोटी मांगकर पेट भरने वाली नेहा को मिला नया जीवन, शिक्षा और उपचार से संवर रहा है भविष्य

आश्रम की बेटी नेहा है जो की 95% मंद बुद्धि है उम्र 9 साल है नेहा को हमारा प्रयास आश्रम टीम ने नेहा को नारनौद जिला हिसार से रेस्क्यू करके आश्रम में लाया गया नेहा आश्रम में रह रही आश्रम की पहली महिला रूपा की बेटी है नेहा अपनी दादी के पास रहती थी आस पड़ोस के लोगों से ही रोटी मांग कर नेहा अपना पेट भरती थी जब से नेहा आश्रम में आई है उसी दिन से रेड कोर्स मंदबुद्धि बच्चों के स्कूल में जाती है समय के साथ-साथ बहुत ही ज्यादा दिमाग ठीक होता जा रहा है नेहा की दवाइयां भी हॉस्पिटल से चल रही है

बस स्टैंड पर बेसहारा मिली अनु को मिला नया जीवन, छह महीने बाद बताई अपनी पहचान

यह हमारा प्रयास मंदबुद्धि महिला अनाथ आश्रम की तीसरी महिला है जो कि गांव घुड़साल जिला हिसार में आता है वहां के सरपंच का हमारे पास फोन आता है कोई महिला गांव के बस स्टैंड पर 2 दिन से लगातार पड़ी हुई है जो कि अपना नाम पता कुछ नहीं बता पा रही है और बहुत ज्यादा नशे की हालत में है हमारा प्रयास मंदबुद्धि महिला अनाथ आश्रम की टीम गांव के सरपंच गांव के मौजूदा लोगों की उपस्थिति में हमारा प्रयास आश्रम में इस महिला को रेस्क्यू करके लाया जाता है आश्रम में छ : महीने के बाद इसने अपना नाम अनु बताया था आश्रम में आने के बाद से दिमाग की दवाइयां सिविल हॉस्पिटल हिसार से चल रही हैं जो कि यह बहुत ही हिंसक रूप में रहती थी इसने आश्रम की महिला स्टाफ को भी दो-तीन बार चोट पहुंचा चुकी है

100% दिव्यांग पूजा गर्ग के जीवन में उम्मीद की नई किरण, प्रयास आश्रम के प्रयास ला रहे हैं सकारात्मक बदलाव

इस लड़की का नाम पूजा गर्ग है यह हिसार की रहने वाली है बचपन में ही इसकी माताजी भी इसको छोड़कर चली गई थी यह लड़की 100% डिसएबल है ये लड़की बोल भी नहीं सकती है इसको मिर्गी के दौरे बचपन से ही आते हैं जिसकी दवाइयां गुप्ता हॉस्पिटल हिसार से चल रही है इस लड़की को लैट्रिंग बाथरुम की कोई सूद नहीं किसी भी तरह कि शुरुआत में जब इसको हमारा प्रयास आश्रम में लाया गया तो यह अपने आप को ही अपने ही दांतों से काट लेती थी और अन्य व्यक्ति को भी काट लेती थी लेकिन समय के साथ इसकी काटने वाली आदत तो ठीक हो रही है लेकिन धीरे-धीरे कुछ तो बदलाव होगा ऐसा हमारा प्रयास आश्रम टीम का यह छोटा सा प्रयास कर रही है

गांव झिरी की असहाय महिला का रेस्क्यू, अब आश्रम में हो रहा है उपचार और देखभाल

इस महिला की सूचना गांव झिरी के सरपंच अमित कुमार जी द्वारा हमारा प्रयास आश्रम टीम को दी गई जोकि इस महिला की दिमागी हालत ठीक नहीं है यह हर किसी के घर के बाहर ऐसे ही बैठ जाती है घर के बाहर ही लेट्रिंग कर देती है उसमें ही पड़ी रहती है पूरा दिन गंदगी में रहती है जिसकी वजह से पूरा गांव परेशान है और इसके घर में कोई संभाल भी नहीं करता और आदमी बहुत ज्यादा दारू पीकर इसकी मार पिटाई करता था जिसकी वजह से आज इस महीला की हालत ऐसी हो गई है हमारा प्रयास आश्रम टीम ने गांव के मौके के सरपंच व गांव के मौजूदा व्यक्ति व इसकी फैमिली के लोगों के बीच से रेस्क्यू करके हमारा प्रयास आश्रम हिसार में लाया गया आश्रम में लाने से पहले इनका सबका मेडिकल आश्रम टीम द्वारा करवाया जाता है इसकी दिमाग की दवाई हिसार हॉस्पिटल से चल रही है

न बोल सकती, न सुन सकती; हिसार रेलवे स्टेशन पर मिली असहाय महिला को मिला प्रयास आश्रम का सहारा

इस महिला के बारे में हिसार रेलवे स्टेशन पर घूम रहे किसी राहगीर द्वारा हमारे को सूचना दी गई है ये महिला ना बोल सकती ना सुन सकती है हमारा प्रयास आश्रम टीम तुरंत प्रभाव से इस महिला को रेस्क्यू करके हमारा हमारा प्रयास मंदबुद्धि महिला अनाथ आश्रम हिसार में लाया जाता है कोई भी वस्त्र ये महिला अपने शरीर पर पहने हुए नहीं थी लेकिन इस महिला की मानसिक स्थिति बिल्कुल ठीक नहीं थी मानसिक दिमाग की दवाइयां भी हॉस्पिटल हिसार से चल रही है

एक साल से लापता प्रियंका की हुई घर वापसी, प्रयास आश्रम और रेलवे पुलिस के प्रयास हुए सफल

इस लड़की की सूचना हमारा प्रयास आश्रम टीम को रेलवे पुलिस के द्वारा दी गई थी ये लड़की 1महीने से लगातार रेलवे स्टेशन पर ही रह रही थी जोकि इसने अपना नाम प्रियंका पुत्री राजेंद्र शौकद बताया बाकी इसके द्वारा कोई अन्य जानकारी नहीं बताई गई आश्रम में 6 महीने लगातार दिमाग की दवाई खिलाई गई लगातार काउंसलिंग के द्वारा इसने अपने गांव का नाम बताया गया शिक्षा में इसके द्वारा मास्टर ऑफ आर्ट हिंदी से की गई तुरंत प्रभाव से हमारा प्रयास आश्रम की टीम ने गांव के सरपंच से संपर्क किया गया जहां से पता लगा की बेटी प्रियंका 1 साल से ही लापता थी हमारा प्रयास आश्रम टीम के प्रयासों व हिसार रेलवे पुलिस टीम के प्रयासों से इस महिला को इसकी फैमिली से मिलवा दिया गया था

3 दिन से बेसहारा पड़ी तासना को मिला नया सहारा, प्रयास आश्रम ने शुरू कराया उपचार

किसी सामाजिक व्यक्ति द्वारा इस महिला की सूचना हमारे को दी गई कोई महिला चिकन वास टोल के पास किसी चाय के खोखे पर 3 दिन पड़ी हुई है तुरंत प्रभाव से आश्रम टीम रेस्क्यू करके हमारा प्रयास मंदबुद्धि महिला अनाथ आश्रम हिसार में लाया गया जिसकी सूचना नजदीकी थाने में भी दी इसने अपना नाम तासना बताया है इसकी दिमाग की दवाइयां आश्रम में आने के बाद से ही लगातार चल रही है